Political Political Science Syllabus Bihar 2026: कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का सिलेबस
Political Political Science Syllabus Bihar 2026:- अगर आप बिहार बोर्ड से कक्षा 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं और Political Science Syllabus Bihar खोज रहे हैं, तो सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम को समझना जरूरी है। सिलेबस पता रहने से यह तय करना आसान हो जाता है कि कौन-सा अध्याय पढ़ना है, किन टॉपिक्स पर ज्यादा ध्यान देना है और परीक्षा से पहले रिवीजन कैसे करना है।
राजनीति विज्ञान यानी Political Science आर्ट्स के विद्यार्थियों के बीच एक महत्वपूर्ण विषय है। इसमें केवल राजनीतिक घटनाओं को याद करना ही नहीं होता, बल्कि लोकतंत्र, सत्ता, अंतरराष्ट्रीय संबंध, भारत की राजनीति और आजादी के बाद देश के सामने आई चुनौतियों को समझना भी होता है।
बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर इंटरमीडिएट से जुड़ी जानकारी और विषयों की व्यवस्था उपलब्ध है। Political Science को इंटरमीडिएट के Arts elective subjects में शामिल किया गया है और इसका विषय कोड 322 दिया गया है।
Political Science Syllabus Bihar में क्या पढ़ना होता है?
कक्षा 12 राजनीति विज्ञान का पाठ्यक्रम मुख्य रूप से दो बड़े हिस्सों से जुड़ा है। पहला हिस्सा विश्व राजनीति से संबंधित है, जबकि दूसरा हिस्सा स्वतंत्रता के बाद भारत की राजनीति को समझाता है।
NCERT की कक्षा 12 की पुस्तकों में भी राजनीति विज्ञान को Contemporary World Politics और Politics in India Since Independence जैसे दो प्रमुख हिस्सों में पढ़ाया जाता है। बिहार के सरकारी पाठ्यपुस्तक पोर्टल पर भी कक्षा 12 Political Science की पुस्तकें उपलब्ध हैं।
आसान भाषा में देखें तो आपको दो तरह की तैयारी करनी होती है:
- दुनिया में होने वाले राजनीतिक बदलाव।
- आजादी के बाद भारत की राजनीतिक यात्रा।
Part A: Contemporary World Politics
इस भाग में विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय राजनीति और दुनिया में हुए बड़े राजनीतिक बदलावों के बारे में पढ़ाया जाता है।
इसमें सामान्य तौर पर निम्न अध्याय और विषय शामिल होते हैं:
| क्रम | अध्याय | मुख्य विषय |
|---|---|---|
| 1 | The End of Bipolarity | सोवियत व्यवस्था, सोवियत संघ का विघटन |
| 2 | Contemporary Centres of Power | यूरोपीय संघ, ASEAN, चीन आदि |
| 3 | Contemporary South Asia | दक्षिण एशिया और पड़ोसी देश |
| 4 | International Organizations | संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठन |
| 5 | Security in the Contemporary World | सुरक्षा की बदलती अवधारणा |
| 6 | Environment and Natural Resources | पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन |
| 7 | Globalisation | वैश्वीकरण और उसके प्रभाव |
इन अध्यायों में केवल परिभाषाएं याद करना काफी नहीं है। उदाहरण के लिए सोवियत संघ के विघटन को पढ़ते समय उसके कारण और परिणाम को समझना जरूरी है।
1. The End of Bipolarity
इस अध्याय में शीत युद्ध के बाद दुनिया में हुए महत्वपूर्ण बदलावों को समझाया जाता है। सोवियत संघ की राजनीतिक व्यवस्था, गोर्बाचेव के सुधार और सोवियत संघ के विघटन जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं।
इस अध्याय को पढ़ते समय कारण और परिणाम को अलग-अलग लिखकर पढ़ना काफी मददगार हो सकता है।
2. Contemporary Centres of Power
इसमें दुनिया में उभरती शक्तियों पर चर्चा होती है। यूरोपीय संघ, ASEAN और चीन की आर्थिक शक्ति जैसे विषय इसमें महत्वपूर्ण हैं।
विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि किसी देश या संगठन की शक्ति केवल सैन्य क्षमता से तय नहीं होती। आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण होते हैं।
3. Contemporary South Asia
दक्षिण एशिया में भारत के साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों की राजनीति को समझने का अवसर मिलता है।
इस अध्याय में पड़ोसी देशों के बीच संबंध और क्षेत्र में लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे समझना उपयोगी है।
4. International Organizations
इस अध्याय में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भूमिका को समझाया जाता है।
परीक्षा की तैयारी करते समय संयुक्त राष्ट्र की भूमिका, उसके प्रमुख अंग और अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में संगठनों की जरूरत जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
5. Security in Contemporary World
सुरक्षा का अर्थ केवल सीमा और सेना से नहीं है। आधुनिक समय में आर्थिक, पर्यावरणीय और मानवीय सुरक्षा जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
इस अध्याय में पारंपरिक और गैर-पारंपरिक सुरक्षा के बीच अंतर समझना उपयोगी रहेगा।
6. Environment and Natural Resources
पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन और उनके उपयोग से जुड़े राजनीतिक मुद्दे इस भाग में आते हैं। आज के समय में जलवायु और संसाधनों से जुड़े सवालों को समझना भी जरूरी है।
7. Globalisation
वैश्वीकरण ने अर्थव्यवस्था, समाज और राजनीति को प्रभावित किया है। इसके फायदे और चुनौतियों को समझकर पढ़ना चाहिए।
Part B: Politics in India Since Independence
यह हिस्सा भारतीय विद्यार्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसमें आजादी के बाद भारत की राजनीतिक यात्रा को समझाया जाता है।
इसमें प्रमुख अध्याय हैं:
- Challenges of Nation-Building
- Era of One-Party Dominance
- Politics of Planned Development
- India’s External Relations
- Challenges to and Restoration of the Congress System
- The Crisis of Democratic Order
- Regional Aspirations
- Recent Developments in Indian Politics
कक्षा 12 के इस हिस्से में स्वतंत्रता के बाद देश के सामने आई चुनौतियों, कांग्रेस के प्रभुत्व, नियोजित विकास, आपातकाल, क्षेत्रीय आकांक्षाओं और गठबंधन राजनीति जैसे विषयों को समझना होता है। NCERT के पाठ्यक्रम में भी इन अध्यायों को इसी क्रम में रखा गया है।
बिहार बोर्ड Political Science की तैयारी कैसे करें?
बहुत से विद्यार्थी राजनीति विज्ञान को सिर्फ रटने वाला विषय समझ लेते हैं। ऐसा करने से लंबे उत्तर लिखने में परेशानी हो सकती है।
बेहतर तरीका यह है कि प्रत्येक अध्याय को तीन हिस्सों में पढ़ें:
पहले समझें
अध्याय किस बारे में है? उसमें मुख्य घटना या विचार क्या है?
फिर छोटे नोट्स बनाएं
हर अध्याय से 5-10 महत्वपूर्ण बिंदु अपनी भाषा में लिखें।
अंत में प्रश्नों का अभ्यास करें
लघु और दीर्घ उत्तरीय दोनों तरह के प्रश्न लिखकर हल करें।
अगर आप बिहार बोर्ड की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो केवल इंटरनेट पर उपलब्ध किसी एक नोट्स या अनुमानित प्रश्न सूची पर निर्भर न रहें। अपनी निर्धारित पाठ्यपुस्तक और बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दें।
Political Science में अच्छे अंक लाने के आसान तरीके
राजनीति विज्ञान में उत्तर लिखते समय प्रस्तुति काफी मायने रखती है। इसलिए इन बातों का ध्यान रखें:
- प्रश्न को ध्यान से पढ़कर उत्तर शुरू करें।
- उत्तर को छोटे-छोटे पैराग्राफ में लिखें।
- जहां जरूरी हो वहां बिंदुओं का प्रयोग करें।
- महत्वपूर्ण नाम और घटनाओं को सही तरीके से लिखें।
- उत्तर में अनावश्यक बातें न जोड़ें।
- लंबे उत्तर की शुरुआत सीधे विषय से करें।
- अंत में छोटा निष्कर्ष जरूर दें।
- केवल याद किए हुए शब्दों के बजाय विषय को समझकर लिखें।
एक उदाहरण
अगर सवाल है—सोवियत संघ के विघटन के कारण बताइए, तो केवल एक लाइन में जवाब देने के बजाय अलग-अलग कारणों को क्रम से लिखना ज्यादा बेहतर रहेगा।
इसी तरह अगर सवाल भारत की राजनीति से जुड़ा है तो घटना, कारण और प्रभाव को अलग-अलग समझाकर लिखें।
Political Science के लिए रिवीजन प्लान
अगर परीक्षा नजदीक है तो पूरे सिलेबस को एक साथ पढ़ने के बजाय तीन चरणों में तैयारी करें।
पहला चरण: सभी अध्यायों को एक बार पढ़ें।
दूसरा चरण: महत्वपूर्ण घटनाओं, परिभाषाओं और प्रमुख बिंदुओं के नोट्स दोहराएं।
तीसरा चरण: पिछले प्रश्नों और अभ्यास प्रश्नों को समय निर्धारित करके हल करें।
हर दिन 1-2 अध्याय का रिवीजन करने की बजाय अपनी सुविधा के अनुसार छोटा लक्ष्य बनाएं। इससे पढ़ाई का दबाव कम रहेगा।
क्या Political Science का पूरा Syllabus पढ़ना जरूरी है?
हां, परीक्षा की तैयारी करते समय पूरे निर्धारित पाठ्यक्रम को कवर करना सुरक्षित रणनीति है। किसी वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट में बताए गए कुछ चुनिंदा अध्यायों को ही पूरा सिलेबस मान लेना सही नहीं है।
बोर्ड समय-समय पर पाठ्यक्रम या परीक्षा से संबंधित निर्देश जारी कर सकता है। इसलिए अंतिम तैयारी में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए। BSEB की वेबसाइट पर इंटरमीडिएट से जुड़ी सूचनाएं और पंजीकरण संबंधी अपडेट उपलब्ध हैं।
FAQs: Political Science Syllabus Bihar
1. Bihar Board में Political Science किस कक्षा में पढ़ाया जाता है?
Political Science बिहार बोर्ड के इंटरमीडिएट स्तर पर एक elective subject के रूप में उपलब्ध है। आधिकारिक इंटरमीडिएट दस्तावेज में इसका विषय कोड 322 दिया गया है।
2. कक्षा 12 Political Science में कितने मुख्य भाग हैं?
पाठ्यक्रम को मुख्य रूप से Contemporary World Politics और Politics in India Since Independence जैसे दो हिस्सों में पढ़ाया जाता है।
3. क्या Political Science केवल याद करने वाला विषय है?
नहीं। अच्छे उत्तर के लिए घटनाओं, कारणों, प्रभावों और राजनीतिक विचारों को समझना जरूरी है।
4. Political Science में अच्छे अंक कैसे लाएं?
पाठ्यपुस्तक को ध्यान से पढ़ें, अध्यायवार नोट्स बनाएं और नियमित रूप से लिखकर प्रश्नों का अभ्यास करें।
5. क्या सिर्फ महत्वपूर्ण प्रश्न पढ़कर परीक्षा दी जा सकती है?
ऐसा करना जोखिम भरा है। बेहतर है कि पूरे निर्धारित सिलेबस को पढ़ें और उसके बाद महत्वपूर्ण प्रश्नों से रिवीजन करें।
6. Bihar Board Political Science की किताब कहां मिल सकती है?
बिहार सरकार के पाठ्यपुस्तक पोर्टल पर कक्षा 12 Political Science की पुस्तकें उपलब्ध हैं।
7. क्या सिलेबस में बदलाव हो सकता है?
बोर्ड या संबंधित शैक्षणिक प्राधिकरण समय-समय पर पाठ्यक्रम और परीक्षा से जुड़े निर्देश बदल सकते हैं। इसलिए अंतिम रूप से आधिकारिक BSEB सूचना को ही मानें।
निष्कर्ष
Political Science Syllabus Bihar को समझकर